Monday , 10 December 2018
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सावित्रीबाई फुले ने छोड़ी बीजेपी

गुरुवार को भाजपा से इस्‍तीफा दे दिया है फुले ने इस्‍तीफा देने के बाद बोला कि दलितों को श्रीराम मंदिर नहीं, संविधान चाहिए हनुमान जी दलित थे तभी ईश्वर श्रीराम ने उन्‍हें बंदर बनाया उन्‍होंने बोला कि दलित सांसद होने के कारण मेरी बातों को  मुझे अनसुना किया गया है आज में भाजपा से त्याग पत्र दे रही हूं  उन्‍होंने भाजपा पर ही निशाना साधते हुए बोला कि भाजपा समाज में बंटवारे की प्रयास कर रही है

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सावित्री बाई फुले ने बोला कि संविधान को खत्म करने की साजिश की जा रही है दलित  पिछड़ा का आरक्षण बड़ी बारीकी से खत्म किया जा रहा है जब तक मैं जिंदा रहूंगी घर वापस नहीं जाऊंगी संविधान को पूरी तरह से लागू करूंगी 23 दिसम्बर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में महारैली करने जा रही हूं उसमें मैं बड़ा धमाका करूंगी

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उन्‍होंने आगे बोला ‘मैं सांसद हूं, जब तक कार्यकाल है सांसद रहूंगी यूपी के CM योगी आदित्‍यनाथ ने बोला कि हनुमान जी दलित थे हनुमान दलित थे लेकिन मनुवादियों के विरूद्ध थेहनुमान जी दलित थे तभी राम ने उन्हें बंदर बना दिया दलितों को मंदिर नही संविधान चाहिए

बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री बाई फूले ने पिछले दिनों बोला था ‘‘हनुमान दलित थे  मनुवादियों के अधीन थे अगर लोग कहते है कि ईश्वर राम है  उनका बेड़ा पार कराने का कार्यहनुमान जी ने किया था उनमें अगर शक्ति थी तो जिन लोगों ने उनका बेड़ा पार कराने का कार्य किया, उन्हें बंदर क्यों बना दिया? उनको तो इंसान बनाना चाहिये था लेकिन इंसान ना बनाकर उन्हें बंदर बना दिया गया उनको पूंछ लगा दी गई, उनके मुंह पर कालिख पोत दी गई चूंकि वह दलित थे इसलिये उस समय भी उनका अपमान किया गया ’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम तो यह देखते है कि अब राष्ट्र तो ना ईश्वर के नाम पर चलेगा  नाहीं मंदिर के नाम पर अब राष्ट्र चलेगा तो इंडियन संविधान के नाम पर हमारे राष्ट्र का संविधान धर्मनिरपेक्ष है उसमें सभी धर्मो की सुरक्षा की गारंटी है सबको बराबर सम्मान और अधिकार है किसी को ठेस पहुंचाने का अधिकार भी किसी को नहीं है इसीलिये जो भी जिम्मेदार लोग बात करें हिंदुस्तान के संविधान के तहत करें, गैर जिम्मेदाराना बात करने से जनता को एक बार सोचने पर मजबूर करता है ‘

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