Monday , 10 December 2018
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महेश भट्ट पर फायरिंग करने वाला बना कॉन्ट्रेक्ट किलर

डायरेक्टर, प्रोड्यूसर महेश भट्ट के ऑफिस में फायरिंग, शिवसेना कॉर्पोरेटर देवीदास चौगुले हत्याकांड और डॉन रवि पुजारी के इशारे पर लोनावला में 2 बिजनेसमैन का डबल मर्डर करने वाले कॉन्ट्रेक्ट किलर को मुंबई क्राइम ब्रांच ने सांताक्रुज इलाके से गिरफ्तार कर लिया है।

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आरोपी की पहचान सादिक इब्राहिम बंगाली उर्फ सलमान उर्फ बंटा के रूप में हुई है। वहीं पकड़े गए इसके साथी का नाम है ढवल चंद्रप्पा देवमणि है। क्राइम ब्रांच सूत्रों के मुताबिक यह दोनों नवी मुंबई के एक बड़े बिल्डर की हत्या की साजिश बना रहे थे, जिसे वह आने वाले समय मे अंजाम देने वाले थे पर क्राइम ब्रांच को इसकी भनक लग गई। क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक बंटा का पुराना आपराधिक रिकार्ड रहा है। इसने साल 2006 में बॉलीवुड के डायरेक्टर प्रोड्यूसर महेश भट्ट के ऑफिस में फायरिंग की थी। इस मामले में यह गिरफ्तार भी हुआ था, लेकिन बाद में साल 2008 में बेल पर बाहर आ गया। इसके बाद इसने नवी मुंबई के नगरसेवक देवीदास चौगुले की हत्या कर दी। इस मामले में भी 3 से 4 साल तक जेल में रहा, बाद में इस मामले में छूट गया। इसके बाद इसने साल 2015 में लोनावाला के 2 बिजनेसमैन राजेश पिम्पलें और सोनू गायकवाड़ की हत्या की।

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बंगाली उर्फ बंटा को पुणे पुलिस ने एक कार्बाइन, 5 पिस्टल और 70 जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया था। यह जेल में भी रह कर रवि पुजारी के लिए काम करता था, पर रवि पुजारी से अलग होकर इसने अपनी कॉन्ट्रेक्ट किलिंग की गैंग इसलिए बनाई, क्योंकि रवि पुजारी ने इसके जेल में रहने के वक्त मदद नहीं, न वकील किया। जेल से बेल पर बाहर आने के बाद इसने खुद की गैंग बनाकर नए लड़कों को भर्ती करना शुरू कर दिया। बंटा ने पूछताछ में बताया कि यह रवि पुजारी से नाखुश था, जिसके बाद इसने खुद की गैंग बनाई, जहां इसने नवी मुंबई, लोनावला और अन्य इलाकों में जाकर भर्ती करना शुरू किया जोकि इसके साथ जेल में थे। इसने वाशी से 20 और पुणे से 35 लोगों को गैंग में शामिल किया।

यह किलिंग करने के लिए मुंबई में एक मीटिंग करने के लिए आया था, जहां पैसे और गैंग को बढ़ाया जाए। इससे पहले क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को खबर लग गई। यूनिट 9 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई के मुताबिक हमनें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चार पिस्टल 29 जिंदा कारतूस बरामद हुए है। आरोपियों को अंडर सेक्शन 3 और 25 आर्म्स एक्ट, 37(1)(A),135 B.P.एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है।

वहीं गिरफ्तार किए गए दूसरे आरोपी ढवल की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। यह उत्तर प्रदेश से पिस्टल खरीदकर लाता और नवी मुंबई में महंगे दामों में बेच देता। यह इतना शातिर है कि 5 हजार में पिस्टल खरीदता और 20 से 25 हजार में बेच देता। यह जिसको पिस्टल बेचता उसके बाद खुद ही इन्फॉर्मर बनकर टिप देता, जिसके बाद पुलिस उस शख्स को गिरफ्तार कर लेती थी। इसने तकरीबन 12 लोगों को पिस्टल सप्लाई कर ट्रेप लगवा कर गिरफ्तार कराया।

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