Friday , 22 March 2019
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महिलाएं तो प्रजनन की आयु के दौरान होने वाली बीमारियों की अनदेखी नोटिस

आज भी बहुत-सी महिलाएं अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग नहीं हैं, अपनी बीमारियों को लेकर लापरवाह रहती हैं। इस वजह से बाद में बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करती हैं। ज्यादातर महिलाएं तो प्रजनन की आयु के दौरान होने वाली बीमारियों की भी अनदेखी करती हैं। खासतौर पर ओवरी संबंधी कई ऐसी डिजीज होती हैं, जो शादी के बाद नोटिस में आती हैं।
जबकि ये बीमारी मासिक चक्र शुरू होने के साथ शुरू हो जाती हैं लेकिन अनदेखी करने की वजह से इनका उपचार ही नहीं होता है। बाद में इस अनदेखी का नतीजा कई बार इंफर्टिलिटी (Infertility)  के रूप में सामने आता है। पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) भी ऐसी ही समस्या है। इस समस्या का इलाज अगर समय पर न हो तो महिलाओं को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं।

क्या है पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक हार्मोनल डिसऑर्डर ( Hormonal Disorder)  है, जो रिप्रोडक्टिव एज (Reproductive Age) की युवा महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है। इसकी शुरुआत टीनएज में ही पीरियड्स साइकल(Period cycle) डिस्टर्ब होने से होती है। शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोनकी मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ओव्यूलेशन (Ovulation) नहीं होता।
ऐसा होने पर पीरियड्स (Periods) टाइम पर नहीं होते, बढ़-घट कर आते हैं या फिर कभी-कभी कुछ समय के लिए बंद भी हो जाते हैं यानी आमतौर पर जहां मासिक चक्र 25-28 दिन में आना उपयुक्त माना जाता है, वह घटकर 21 दिन या 3 सप्ताह से पहले आने लगता है। अगर इस समस्या का उपचार न किया जाए तो वजन बढ़ने लगता है, चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आ जाते हैं।

इंफर्टिलिटी (Infertility) का खतरा

आगे चलकर शादी के बाद ऐसी महिलाओं में इंफर्टिलिटी या बांझपन (Infertility) की स्थिति भी आ सकती है। मेटाबॉलिक डिसआर्डर (Metabolic disorder) होने और मोटापे की वजह से उनके शरीर में इंसुलिन रेसिस्टेंस (Insulin Resistance) की स्थिति आ जाती है। ध्यान न दिए जाने पर टाइप-2 डायबिटीज होने का भी खतरा रहता है।

पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के कारण

1.अस्त-व्यस्त जीवनशैली
2. आनुवांशिक प्रभाव
3.फास्ट फूड और फैटी चीजों का सेवन करना
4. सही समय से खाना न खाना
5. देर रात तक जागने की आदत
6. फिजिकल एक्सरसाइज न करना

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के उपचार

जहां तक पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)  के उपचार (Treatment) का सवाल है तो ऑफ एंड ऑन बेसिस पर काफी लंबे समय तक चलता है। महिला के पीरियड्स (Periods) नियमित होने पर इलाज बंद कर दिया जाता है। लेकिन भविष्य में दोबारा परेशानी होने पर उपचार दोहराया जाता है। इसमें महिला को हर महीने 21 दिन के लिए मेडिसिन(Medicine) दी जाती हैं। इनमें बहुत कम मात्रा में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन  होता है, जो मासिक चक्र नियमित करने के लिए प्रभावी है। इंफिर्टलिटी  के इलाज के लिए प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं।
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