Friday , 22 February 2019
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मुस्लिम-दलित बाहुल्य व परंपरागत सीटों पर पूरी ताकत से लडने की ये योजना बना रही प्रियंका

गांधी परिवार की अहम सदस्य प्रियंका गांधी को सक्रिय पॉलिटिक्स में उतारने के बाद कांग्रेस पार्टी यूपी में मिशन 20 योजना को अंतिम रूप देने में जुट गई है. इस कड़ी में पार्टी दलित-मुस्लिम बाहुल्य के साथ-साथ परंपरागत सीटों पर पूरी ताकत से चुनाव लड़ेगी. पार्टी में सर्वाधिक माथापच्ची प्रियंका की चुनावी सीट को ले कर हो रही है. इस कड़ी में फिल्हाल चार सीटों रायबरेली, अमेठी, लख्ननऊ  वाराणसी की सीट पर मंथन का दौर जारी है.

खास बातें

  • मुस्लिम-दलित बाहुल्य  परंपरागत सीटों पर पूरी ताकत से लडने की योजना
  • रायबरेली, अमेठी, लखनऊ ही नहीं वाराणसी पर भी पार्टी की निगाहें
  • अपना दल के राजग से पराया होने पर ही वाराणसी के विकल्प पर होगा विचार
 यूपीए 2 गवर्नमेंट में केंद्रीय मंत्री रहे सूबे के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक पार्टी राज्य की अधिकांश सीटों पर फोकस करने के बदले चुनिंदा दो दर्जन सीटों पर फोकस करेगी. इसमें मुख्यत: दलित-मुस्लिम बाहुल्य  पार्टी की परंपरागत रही सीटें होंगी. पार्टी की योजना लोकसभा चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी करने की है.इसके लिए पार्टी ने कभी अपने परंपरागत मतदाता रहे दलितों-मुसलमानों  अगड़ों को साधने की योजना बनाई है. पार्टी इसी समीकरण की बदौलत राज्य की सत्ता में दशकों तक काबिज रही थी.

प्रियंका की चुनावी सीट पर सर्वाधिक मंथन 

पार्टी में फिल्हाल सर्वाधिक मंथन प्रियंका की चुनावी सीट को ले कर हो रहा है. प्रयास है कि उनके लिए ऐसी सीट चुनी जाए जिससे सूबे के साथ-साथ पूरे राष्ट्र में एक बड़ा संदेश जाएा.इस कड़ी में जिन चार सीटों को विकल्प के तौर पर चुना गया है उसमें अमेठी, रायबेरली, लखनऊ  वाराणसी की सीट शामिल हैं. उक्त पूर्व केंद्रीय मंत्री के मुताबिक पार्टी का एक मजबूत धड़ा पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को चुनावी पॉलिटिक्स में बनाए रखना चाहता है. सोनिया के नहीं मानने पर प्रियंका कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी की सीट अमेठी तो राहुल सोनिया की सीट रायबरेली से लड़ सकती हैं.

ऐसी स्थिति में अमेठी में प्रियंका  केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के बीच सीधी जंग होगी. अगर सोनिया मानीं तो फिर प्रियंका के लिए लखनऊ  वाराणसी विकल्प बचेगा. वाराणसी से प्रियंका पीएम मोदी के विरूद्ध मैदान में तभी उतरेंगी जब अपना दल राजग का साथ छोड़ दे. पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है कि ऐसे में बीजेपी का कुर्मी मतदाताओं में वर्चस्व घटेगा ब्राह्मण मतदाताओं पर खुद प्रियंका भी अपना दावा ठोक सकेंगी.

अपना दल के राजग में बने रहने पर पार्टी यहां सपा-बसपा उम्मीदवार को समर्थन देगी. पार्टी का एक धड़ा प्रियंका को गृह मंत्री राजनाथ सिंह की सीट लखनऊ से उम्मीदवार बनाना चाहता है. इस धड़े का तर्क है कि इससे प्रियंका न सिर्फ पूरे सूबे को संदेश दे पाएंगी, बल्कि शहरी सीट होने के कारण वह गृह मंत्री को कड़ी चुनौती दे पाएंगी. चूंकि इस सीट पर गांधी परिवार की विजय लक्ष्मी पंडित सांसद रह चुकी हैं. ऐसे में पार्टी इस सीट पर भी अपनी आसार देख रही है.

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