Thursday , 23 May 2019
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आगामी लोकसभा चुनाव में सपा व बीएसपी को अपनी पराजय अभी से आ रही नजर : प्रवक्ता यूपी

यूपी गवर्नमेंट के प्रवक्ता ने बोला है कि आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी आसन्न करारी पराजय देख कर सपा व बीएसपी बौखला गई हैं। शर्मा ने रविवार (10 मार्च) रात एक बयान में बोला कि यूपी की जनता ने बीएसपी अध्यक्ष मायावती व उनके साझेदारी साथी भतीजे सपा मुखिया अखिलेश यादव के करप्शन व कुशासन वाली, भू माफिया, खनन माफिया शराब माफिया अपराधियों को तवज्जो देने वाली गवर्नमेंट देखी है। उसी जनता ने पीएम मोदी व CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के लक्ष्य को लेकर चलने वाली गवर्नमेंट भी देखी है।

उन्होंने बोला कि आगामी लोकसभा चुनाव में सपा व बीएसपी को अपनी करार पराजय अभी से नजर आ रही है, इसीलिए उसके नेता केंद्र की नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट व भाजपा के विरूद्धफुजूल बयानबाजी कर रहे हैं। शर्मा ने दावा किया कि साल 2008 में हुए मुम्बई हमलों के बाद सेना चाहती थी कि पाक स्थित आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया जाए लेकिन सपा-बसपा के समर्थन से चल रही केंद्र की कांग्रेस पार्टी गवर्नमेंट के पास ख़्वाहिश शक्ति नहीं थी। बीजेपी ने सेना का मनोबल बढ़ाया तथा उरी व पुलवामा के हमलावरों व उनकी पनाहगाह को नेस्तनाबूत किया।

उन्होंने बोला कि जनता मजबूर नहीं मजबूत गवर्नमेंट चाहती है, जिससे नए हिंदुस्तान के नए यूपी की मजबूत इमारत का लक्ष्य पूरा हो सके। लिहाजा, जनता झूठ-फरेब, भ्रष्टचार, जातिवाद व तुष्टिकरण को बढ़ावा देने वाले साझेदारी का सूपड़ा साफ़ करेगी व उसे राहत देने वाली मोदी गवर्नमेंट को प्रचंड बहुमत दिलाएगी।

शर्मा ने पूर्व CM अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए बोला कि वह मेट्रो रेल परियोजना को भी पार्टी की तरह खनन माफिया से जुटाई अपनी खुद की सम्पत्ति समझ रहे हैं। उन्हें यह याद होना चाहिए कि विकास योजनाएं उनकी व्यक्तिगत संपत्ति नहीं हैं। नारियल फोडू सपा गवर्नमेंट ने फोटोअप के लिए परियोजनाओं के शिलापट लगाए थे।

ऊर्जा मंत्री ने बोला कि विकास एवं गरीब विरोधी बीएसपी प्रमुख मायावती बीजेपी पर आरोप लगाने से पहले मूर्ति घोटाले पर सुप्रीम न्यायालय की उस टिप्पणी पर भी गौर कर लें, जिसमें न्यायालय ने जनता की गाढ़ी कमाई से पार्कों में अपनी स्वयं की मूर्ति व चुनाव निशान बनाने में लगी रकम सरकारी खजाने में जमा कराने को बोला है। पहले वह स्मारक घोटाले की रकम गवर्नमेंट के खजाने में जमा करें, यदि वह असमर्थ हैं तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी चुनावी बुआ का योगदान करें।

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