Thursday , 25 April 2019
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यूपी की ये सीट होगी बेहद दिलचस्प चाचा-भतीजे के बीच जोरदार टक्कर , मलाई खाएगी भाजपा

 संसार के सबसे बडे लोकतंत्र में जनता की सेवा करने का मौका पाने के लिए लोग तरह-तरह से जोर आजमाश कर रहे हैं यूं 543 लोकसभा सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, लेकिन हम आपका ध्यान यूपी के एक ऐसे लोकसभा सीट की ओर खींचना चाहते हैं जहां बेहद दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है ताजनगरी आगरा से सटे फिरोजाबाद में इस बार चाचा-भतीजे के बीच जोरदार मुकाबला हो सकता है दंग करने वाली बात यह है कि इस चाचा-भतीजे की इस लड़ाई में राष्ट्र की सबसे बड़ी पार्टी के भाजपा के प्रत्याशी अपनी उम्मीद तलाश रहे हैं

भतीजे से सीट छीनने की प्रयास में चाचा
समाजवादी पार्टी (सपा) की गढ़ मानी जाने वाली फिरोजाबाद सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला है साल 2014 के मोदी लहर में भी यह सीट सपा के महासचिव रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव को मिल गई थी, लेकिन इस बार परिस्थितियां थोड़ी बदली हुई हैं

यहां से सैफाई परिवार के दो महान आमने-सामने हैं समाजवादी पार्टी से अलग होकर नयी पार्टी बनाने वाले शिवपाल यादव अपने भतीजे  निवर्तमान सांसद अक्षय यादव से ताल ठोकने को तैयार हैं सैफई परिवार में इन दो दिग्गजों की भिड़ंत का भाजपा ने भी पूरा फायदा उठाने का कोशिश किया है  अपने पुराने कार्यकर्ता डॉ़ चंद्रसेन जादौन को उम्मीदवार बनाकर लड़ाई को त्रिकोणीय बना दिया है

बीजेपी ने भी पुराने चावल पर जताया भरोसा
जनसंघ के जमाने से जुड़े डॉ़ जादौन ने साल 1996 में घिरोर विधानसभा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा था, मगर जीत नहीं पाए थे वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक विनय चतुर्वेदी फिरोजाबाद सीट को सपा की परंपरागत सीट मान रहे हैं इनका कहना है कि सपा के रामजी लाल सुमन ने साल 1999  2004 में लगातार सांसदी का चुनाव जीता, लेकिन साल2009 में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चुनाव लड़कर जीत हासिल की  अब यह एक परिवार के प्रभुत्व वाली सीट बन गई

यादव वोटरों के मूड पर तय होगी पराजय जीत
अखिलेश के सीट छोड़ने से हुए उपचुनाव में सैफई परिवार की बहू  अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव चुनाव मैदान में थीं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के राज बब्बर से चुनाव पराजय गई थींबावजूद इसके साल 2014 में हुए चुनाव में एक बार यह सीट सैफई परिवार में आई अक्षय यादव ने भाजपा के एस पी सिंह बघेल को करीब 1 लाख 14 हजार 59 वोटों से हराया था

यहां यादव वोटर निर्णायक किरदार में हैं जसरना  सिरसागंज में उनकी तदाद लगभग 1.5 लाख है लेकिन उनमें बिखराव भी होगा शिवपाल यादव संगठन की पॉलिटिक्स के पुराने खिलाड़ी हैं सपा के पुराने कार्यकर्ताओं में उनकी आज भी पकड़ है विपक्ष के नेता  अलग-अलग सरकारों में मंत्री रहे शिवपाल को भी यहां भारी समर्थन मिल रहा है यह बात अलग है कि कुछ उनके विरोध में भी हैं अब शिवपाल के मैदान में उतरने से यह सीट सपा के लिए सरल नहीं रह गई है

चाचा को पटखनी देने में BSP हो सकती है मददगार
विश्लेषक विनय चतुर्वेदी के मुताबिक, अक्षय यादव के पास सपा के साथ अब बीएसपी की भी ताकत है जो उन्हें मजबूत बनाती है कांग्रेस पार्टी ने यहां पर अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है ऐसे में यादवों के साथ कुछ वोट उन्हें जाटवों  मुसलमानों का मिलता दिख रहा है, लेकिन सपा से बागी हुए तीन बार के विधायक हरिओम यादव  पूर्व विधायक अजीम भाई ने सपा का दामन छोड़ा है अब शिवपाल खेमे में हैं शिवपाल के साथ देने वाले अजीम की शहर के मुसलामानों में अच्छी पकड़ मानी जाती है मुसलामानों के वोट का एक भागशिवपाल के पक्ष में आने से मना नहीं किया जा सकता है

उन्होंने बताया कि शिवपाल के कारण भाजपा की ओर से डमी उम्मीदवार उतारने की अफ़वाह थी, लेकिन चंद्रसेन जादौन के चुनाव मैदान में आने से अफ़वाह पर पूर्णविराम लग गया है लड़ाई रोचक हो गई है अमित शाह उनके पक्ष में जनसभा कर परिवारवाद के विरूद्ध हमला बोल चुके हैं

चाचा की चली तो भतीजे की पराजय संभव
चतुर्वेदी की नजर में चंद्रसेन अनुभवी हैं उन्हें मोदी के नाम का लाभ भी मिलेगा बावजूद इसके सपा के गढ़ वाले विधानसभा क्षेत्रों में वोट पाना चुनौती है वजह, सपा के साथ प्रसपा भी मैदान में है पार्टी के मूल वोट बैंक को सभी अपनी-अपनी तरफ बिठाने में जोर-आजमाइश कर रहे हैं

चंद्रसेन के साथ बघेल बिरादरी का वोट उनके पक्ष में आ सकता है साथ ही कुछ  भी बैकवर्ड वोट में सेंधमारी कर सकते हैं अगर शिवपाल ने थोड़ी भी मजबूती से लड़ाई लड़ी बीएसपी का वोट सपा के पक्ष में तब्दील नहीं हुआ तो भाजपा को लाभ हो सकता है

सांसद रहते हुए भतीजे ने कराए ये सारे काम
सांसद अक्षय यादव ने शहर में जेडा झाल परियोजना प्रारम्भ करवाकर पानी की समस्या कुछ हद तक दूर की है मेडिकल कॉलेज भी बनवाया है आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे से फिरोजाबाद जुड़ा है कांच उद्योग के चलते यहां ट्रांसपोर्ट जरूरी है

इस लोकसभा एरिया में पांच विधानसभा एरिया हैं फिरोजाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद  जसराना में भाजपा के विधायक हैं सिरसागंज में सपा के विधायक हैं

टूंडला के रामसेवक का कहना है कि यहां पर सबसे बड़ी समस्या पानी की है जसवंत नगर के रामप्यारे की मानें तो यहां पर सरकारी अस्पताल तो बना खड़ा है लेकिन चिकित्सक आते ही नहीं हैं

नोटबंदी से इलाके में बढ़ी बेरोजगारी
फिरोजाबाद के अंसार की मानें तो नोटबंदी के बाद कांच उद्योग के करीब 1.35 लाख कामगरों का रोजगार छिन गया था वहीं, कांच व्यापारी अकरम ने बताया कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई लगभग 65 फैक्ट्रियां नोटबंदी के कारण बंद हो गई थीं आलू किसान रामसेवक भी फसल का उचित मूल्य ना मिलने से परेशान नजर आए

क्षेत्र में यादव वोटर की संख्या 4.31 लाख के करीब है 2़ 10 लाख जाटव, 1़65 लाख ठाकुर, 1़ 47 लाख ब्राह्मण, 1़56 लाख मुस्लिम  1़21 लाख लोधी मतदाता हैं कुल मतदाताओं की संख्या 17,45,526 है महिला मतदाता 734,206  पुरुष मतदाता 902,532 हैं

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