Thursday , 25 April 2019
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शिवसेना नेता ने चुनाव आचार संहिता को लेकर आयोग पर साधा ये निशाना

प्रचार में जुटे नेता अपनी जुबान से केवल विपक्षी दलों के लिए ही आग नहीं उगलते है, यह राष्ट्र के कानून  चुनाव आयोग को लेकर भी मर्यादा तोड़ते दिखाई देते हैंताजा मामला महाराष्ट्र का है यहां शिवसेना के वरिष्ठ नेता  राज्यसभा सांसद संजय राउत ने चुनाव आयोग को लेकर विवादित बयान दिया है संजय राउत ने राष्ट्र के कानून को ना मानने वाली बात कही है शिवसेना नेता ने चुनाव आचार संहिता को लेकर भी आयोग पर निशाना साधा है 

संजय राउत ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘चुनाव का माहौल है  मुझे बार-बार याद दिलाया जाता है कि आचार संहिता है, आचार संहिता है, तो मेरे मन में एक भयहमेशा रहता है कि आचार संहिता है एक तो हम कानून मानने वाले लोग नहीं है, उस पर हमें लगातार याद दिलाया जा रहा है कि कानून है, आचार संहिता है हम ऐसे लोग हैं कि भाड़ में गया कानून, आचार संहिता भी हम देख लेंगे लेकिन जो बात हमारे मन में है, वो बात अगर हम बाहर नहीं निकालेंगे तो घुटन सी होती है ‘

शिवसेना ने 12 अप्रैल को अपनी सहयोगी बीजेपी को सलाह दी कि वह राफेल सौदे पर “कम बोले”, जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी करप्शन के आरोप लगा रही है शिवसेना ने चेतावनी दी कि अनावश्यक बयानबाजी से राष्ट्रीय पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं शिवसेना ने बोला कि अगर भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मिल रही कवरेज से संतुष्ट रहती तो नमो टीवी पर प्रतिबंध से बचा जा सकता था

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने जलगांव में एक जनसभा के दौरान महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हालिया झड़प को लेकर भी राष्ट्रीय पार्टी पर निशाना साधा

‘बीजेपी ने पार्टी में गुंडो की भर्ती की’
पार्टी ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में लिखा, ‘चौंकाने वाला वीडियो (संघर्ष का) राष्ट्र भर में देखा गया भाजपा ने पार्टी में गुंडों की भर्ती की  उन्हें ‘वाल्मीकि’ में बदल दियाहालांकि यहां, अनुभवी वाल्मीकि गुंडों में बदल गए  हिंसा में शामिल हो गए ‘

उसने कहा, ‘यह न सिर्फ ‘महायुति’ (बीजेपी-शिवसेना गठबंधन) के प्रचार पर धब्बा है बल्कि समय आ गया है जब भाजपा को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए ‘

‘राफेल के मुद्दे पर संयम के साथ वार्ता की जरूरत’
शिवसेना ने कहा,’कम से कम राफेल के मुद्दे पर, उनको अहंकार छोड़ने  संयम के साथ वार्ता की आवश्यकता है रक्षा मंत्री से लेकर दूसरे नेताओं तक, लोग (बीजेपी में) जो चाह रहे हैं वो बोल रहे हैं ‘  मुखपत्र में बोला गया, ‘इससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं इसलिये हमारी सलाह है कि जितना कम कहा जाए उतना बेहतर है ‘

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