Thursday , 25 April 2019
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न्यायालय ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर 22 अप्रैल तक माँगा जवाब

राफेल मुद्दे पर भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी की राहुल गांधी के विरूद्ध सु्प्रीम न्यायालय की अवमानना संबंधी याचिका पर न्यायालय ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर 22 अप्रैल तक जवाब देने को बोला है राहुल गांधी पर सुप्रीम न्यायालय के बयान को गलत तरह से पेश करने का आरोप है याचिका में बोला गया है कि राहुल गांधी ने राफेल मामले में सीक्रेट दस्तावेज को भी बहस का भाग बनाने के निर्णय को गलत तरीके से पेश किया

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने टिप्पणी करते हुए बोला कि हमने फ़ैसले में ऐसा कोई कमेंट (राहुल गांधी के बयान जैसा) नहीं दिया है हमारा निर्णय सिर्फ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश दस्तावेजों की स्वीकार्यता के क़ानूनी पहलू तक सीमित था लिहाजा न्यायालय ने राहुल गांधी से उनके बयान पर सफाई मांगी है याचिका में बोला गया है कि सुप्रीम न्यायालयके राफेल पर पिछले दिनों आये आदेश के बाद राहुल गांधी ने ‘चौकीदार चोर है’ के अपने बयान को ऐसे पेश किया जैसे न्यायालय ने अपने निर्णय में ऐसा बोला हो

क्‍या है मामला
दरअसल, राफेल डील को लेकर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम न्यायालय के निर्णय के बाद राहुल गांधी ने बोला था कि सुप्रीम न्यायालय ने माना है कि चौकीदार चोर है मीनाक्षी लेखी का कहना है कि राफेल मामले में सीक्रेट दस्तावेज को भी बहस का भाग बनाने के सुप्रीम न्यायालय के निर्णय को कांग्रेस पार्टी अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने गलत तरीके से पेश किया है

मीनाक्षी लेखी ने राहुल पर आरोप लगाते हुए बोला था कि उन्‍होंने ‘चौकीदार चोर है’ के अपने बयान को सुप्रीम न्यायालय के बयान की तरह प्रस्तुत किया है उन्‍होंने बोला था कि राफेल पर पुनर्विचार याचिका के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद राहुल गांधी ने बोला था कि सुप्रीम न्यायालय ने माना है कि चौकीदार चोर है, जोकि 

सुप्रीम न्यायालय में राफेल केस की चल रही सुनवाई
आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि राफेल डील मामले में केंद्र गवर्नमेंट को सुप्रीम न्यायालय से झटका बड़ा झटका लगा था सुप्रीम न्यायालय ने केंद्र गवर्नमेंट की उस असहमति को खारिज कर दिया था, जिसमें सीक्रेट दस्तावेजों के आधार पर पुनर्विचार खारिज करने की मांग की गई थी न्यायालय ने बोला था कि सीक्रेट दस्तावेज के आधार पर आगे पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी गवर्नमेंट ने सीक्रेट दस्तावेज के आधार पर पुनर्विचार खारिज करने की मांग की थी

14 मार्च को सुप्रीम न्यायालय ने केंद्र गवर्नमेंट की शुरुआती आपत्तियों (गोपनीयता, विशेषाधिकार, राष्ट्रीय सुरक्षा) पर आदेश सुरक्षित रख लिया था इससे पहले केंद्र गवर्नमेंट ने सुप्रीम न्यायालय में नया हलफनामा दाखिल कर बोला था कि केंद्र गवर्नमेंट की बिना मंजूरी के संवेदनशील दस्तावेजों की फोटोकॉपी की गई इन दस्तावेजों की अनाधिकृत फोटोकॉपी के जरिये की गई चोरी ने राष्ट्र की सुरक्षा, सम्प्रभुता  दूसरे राष्ट्रों के साथ दोस्ताना संबंधों को बुरी तरह प्रभावित किया है केंद्र ने बोला था कि पुनर्विचार याचिका के साथ संलग्‍न दस्तावेज एयरक्राफ्ट की युद्ध क्षमता से जुड़े है याचिकाकर्ताओं ने बेहद सीक्रेट जानकारी को लीक किया है

रक्षा मंत्रालय ने आगे हलफनामे में बोला था कि राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिका सार्वजनिक रूप से सबको उपलब्ध है, हमारे प्रतिद्वंद्वी या दुश्मनों की भी इस तक पहुंच हैये राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना वाला है आपको बता दें कि इस वक्त सुप्रीम न्यायालय राफेल डील के विरूद्ध दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है याचिकाकर्ता प्रशांत भूषण ने सौदे के बारे में रक्षा मंत्रालय की उस फ़ाइल नोटिंग को पेश किया जिसे हिन्दू अख़बार ने छापा था,लेकिन अटार्नी जनरल ने इस पर असहमति जताई  बोला था कि ये चोरी किया हुआ है, जांच चल रही है मुक़दमा किया जाएगा

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